उजाला / उत्तरप्रदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। हुसैनगंज स्थित PFC बिल्डिंग पर जुटे कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप भी लगाया। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए गए इन सवालों के बीच प्रदर्शन ने राजधानी में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।
चुनाव आयोग के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निष्पक्ष तरीके से निर्वहन नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा नोकझोंक की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता की गई। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
अनिकेत धानुक ने लगाए गंभीर आरोप
आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव अनिकेत धानुक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। धानुक ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके नेतृत्व में काम कर रहा चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम कर रहा है।
अनिकेत धानुक ने दावा किया कि 35 करोड़ से अधिक वोटों की चोरी की गई और इसके जरिए अलग-अलग राज्यों के साथ केंद्र में भी भाजपा की सरकार बनवाने में मदद की गई। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए इन आरोपों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग की। हालांकि, 35 करोड़ से अधिक वोटों की कथित चोरी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज या आधिकारिक प्रमाण इस खबर में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को आजाद समाज पार्टी के नेता के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन’
प्रदर्शन के दौरान अनिकेत धानुक ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
धानुक ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उसे भाजपा का समर्थक बताया और आरोप लगाया कि आयोग लगातार चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन राज्यों के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए बिना उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं होने दिया जाएगा। यह बयान पार्टी के विरोध की तीव्रता और आगामी चुनावों को लेकर उसकी राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासी बहस
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं। आजाद समाज पार्टी का यह प्रदर्शन भी इसी व्यापक बहस से जुड़ा है। पार्टी ने अपने आरोपों के जरिए चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई है। लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन फिलहाल आजाद समाज पार्टी के विरोध और इस्तीफे की मांग के रूप में सामने आया है। पार्टी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं और पार्टी आने वाले दिनों में अपने विरोध को किस रूप में आगे बढ़ाती है।
