उजाला / उत्तरप्रदेश
बरेली: भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से चल रहा विद्यार्थियों का आंदोलन बुधवार देर शाम समाप्त हो गया। जिला प्रशासन की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद छात्रों और संबंधित पक्षों के बीच स्टाइपेंड को लेकर सहमति बन गई। इसके तहत विद्यार्थियों को मिलने वाला मासिक स्टाइपेंड 3,000 रुपये से बढ़ाकर 13,000 रुपये करने पर सहमति बनी है। छात्रों के अनुसार, स्टाइपेंड की नई दर 1 जनवरी 2027 से लागू होगी और इसका लाभ 12 महीने तक दिया जाएगा। इस फैसले को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे पशु चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि, विद्यार्थियों की शुरुआती मांग 25,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की थी, लेकिन वार्ता के बाद 13,000 रुपये प्रतिमाह की राशि पर सहमति बनी।
10 दिनों तक चला आंदोलन, 100 से अधिक विद्यार्थी हुए शामिल
आईवीआरआई में बीवीएससी एवं एनिमल हसबैंडरी (AH) पाठ्यक्रम के 100 से अधिक विद्यार्थी अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। विद्यार्थियों का कहना था कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें संस्थान में व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ कई जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रतिमाह केवल 3,000 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा था। छात्रों के मुताबिक, मौजूदा राशि में इंटर्नशिप से जुड़े खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से उन्होंने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग उठाई और इसे लेकर आंदोलन शुरू किया। विद्यार्थियों की मांग थी कि स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए, ताकि प्रशिक्षण की अवधि में होने वाले खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सके।
वार्ता विफल होने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्र
आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों और संबंधित अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन लिखित आश्वासन नहीं मिलने के कारण वार्ता सफल नहीं हो सकी। इसके बाद विद्यार्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी। बुधवार को भूख हड़ताल का तीसरा दिन था। आंदोलन के लंबा खिंचने के बीच जिला प्रशासन ने मध्यस्थता की और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता निकाला। आखिरकार, स्टाइपेंड बढ़ाने पर सहमति बनने के बाद विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। इस घटनाक्रम ने अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों के आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले मानदेय के मुद्दे को प्रमुखता से सामने ला दिया।
3,000 से बढ़कर 13,000 रुपये हुआ स्टाइपेंड
समझौते के अनुसार, स्टाइपेंड में प्रतिमाह 10,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी। यानी विद्यार्थियों को पहले की तुलना में चार गुना से भी अधिक राशि मिलेगी। छात्रों के अनुसार, नई दर 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगी और यह स्टाइपेंड 12 महीने तक दिया जाएगा। इस बढ़ोतरी से विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान होने वाले व्यक्तिगत और दैनिक खर्चों को पूरा करने में पहले की तुलना में अधिक सहायता मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उनकी मूल मांग 25,000 रुपये प्रतिमाह की थी, इसलिए सहमत राशि उनकी मांग से कम है।
विद्यार्थियों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
पशु चिकित्सा शिक्षा में अनिवार्य इंटर्नशिप विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इस दौरान विद्यार्थी अपने अकादमिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करना सीखते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड की राशि उनके दैनिक खर्चों और प्रशिक्षण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है आईवीआरआई के विद्यार्थियों का 10 दिवसीय आंदोलन इस बात को भी रेखांकित करता है कि प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर विद्यार्थियों की अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। फिलहाल, प्रशासन की मध्यस्थता के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है और छात्रों के अनुसार, नई स्टाइपेंड दर जनवरी 2027 से लागू होगी।
