उजाला / उत्तरप्रदेश
आगरा : भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा में संगठनात्मक बदलाव करते हुए अपूर्वा सिंह को महानगर अध्यक्ष और मनीषा सिंह को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के अध्यक्षों की सूची जारी की है। इन नियुक्तियों के बाद दोनों पदाधिकारी संगठन में नई भूमिका निभाएंगी। दोनों का संबंध क्षत्रिय समाज से है, लेकिन भाजपा में आने और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का उनका राजनीतिक सफर अलग-अलग रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति पर महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने महानगर और जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की। इस सूची में अपूर्वा सिंह को महानगर अध्यक्ष और मनीषा सिंह को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए दोनों को महिला मोर्चा के संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
छात्र राजनीति से संगठन तक पहुंचीं अपूर्वा सिंह
अपूर्वा सिंह लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। उन्होंने वर्ष 2008 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के माध्यम से अपने संगठनात्मक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह लगातार संगठन से जुड़ी रहीं और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेती रहीं। अपूर्वा सिंह ने सोशल वर्क यानी सामाजिक कार्य विषय में एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वह इसी विषय में पीएचडी कर रही हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और संगठन में सक्रियता के साथ उन्हें भाजपा महिला मोर्चा में भी जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2021 में अपूर्वा सिंह को भाजपा महिला मोर्चा का महानगर उपाध्यक्ष चुना गया था। अब उन्हें महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नियुक्ति के साथ उनके संगठनात्मक सफर में एक नई भूमिका जुड़ गई है। महानगर अध्यक्ष के रूप में उन्हें महिला मोर्चा की गतिविधियों और संगठन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से भाजपा तक मनीषा सिंह का सफर
मनीषा सिंह की राजनीतिक पृष्ठभूमि अपूर्वा सिंह से अलग रही है। भाजपा में शामिल होने से पहले वह शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने वर्ष 2017 में इसी पार्टी के टिकट पर फतेहपुर सीकरी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। चुनाव में मनीषा सिंह को कुल 1,040 वोट मिले थे। 15 प्रत्याशियों के बीच वह 11वें स्थान पर रही थीं। इस चुनाव के बाद भी उनका राजनीतिक सफर जारी रहा। बाद में शिवपाल सिंह यादव की समाजवादी पार्टी में वापसी के बाद मनीषा सिंह भाजपा में शामिल हो गईं। अब भाजपा महिला मोर्चा में उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति उनके राजनीतिक सफर का नया पड़ाव है। नई भूमिका में उन्हें जिले में महिला मोर्चा की संगठनात्मक गतिविधियों को संभालना होगा।
अलग-अलग राजनीतिक सफर, संगठन में नई जिम्मेदारी
अपूर्वा सिंह और मनीषा सिंह की नियुक्तियां भाजपा महिला मोर्चा में जिम्मेदारियों के नए बंटवारे के रूप में सामने आई हैं। जहां अपूर्वा सिंह छात्र संगठन से जुड़कर भाजपा महिला मोर्चा में महानगर उपाध्यक्ष तक पहुंचीं, वहीं मनीषा सिंह ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जरिए चुनावी राजनीति में कदम रखा और बाद में भाजपा से जुड़ीं। दोनों को अब महिला मोर्चा में अलग-अलग स्तर पर संगठन की जिम्मेदारी मिली है। इन नियुक्तियों के बाद महानगर और जिले में महिला मोर्चा की गतिविधियों, संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
