उजाला /उत्तरप्रदेश
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में रियल एस्टेट कंपनी अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के बकाये की वसूली के लिए तहसील सदर प्रशासन ने ताज सुशांत सिटी स्थित कंपनी की संपत्तियों को कुर्क कर उनके क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है। प्रशासन के मुताबिक, कंपनी पर 5 करोड़ 60 लाख 96 हजार 423 रुपये और ब्याज की देनदारी है। इस वसूली के सिलसिले में रेरा की ओर से 17 रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी किए गए थे। अब प्रशासन ने बकाया वसूली के लिए संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की है।
करीब 450 एकड़ जमीन और 17 फ्लैट कुर्क
तहसील सदर प्रशासन के अनुसार, अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ताज सुशांत सिटी/अंसल एपीआई परियोजना में स्थित अचल संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है। इसमें करीब साढ़े चार सौ एकड़ जमीन और 17 डबल स्टोरी फ्लैट शामिल बताए गए हैं। संबंधित संपत्तियां आगरा के मौजा सदरवन और जऊपुरा क्षेत्र में स्थित हैं। प्रशासन ने संबंधित भूमि के विभिन्न खसरा नंबरों पर कंपनी के हिस्से के अनुसार कुर्की की कार्रवाई की है। इसके साथ ही इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि कुर्क की गई संपत्तियों का हस्तांतरण या क्रय-विक्रय नहीं किया जा सकेगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य रेरा के बकाये की वसूली सुनिश्चित करना है।
एसडीएम ने दी नीलामी की जानकारी
एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव के मुताबिक, अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ रेरा से 5.60 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए 17 आरसी प्राप्त हुई थीं। इसी आधार पर कंपनी की अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। एसडीएम के अनुसार, बकाया राशि की वसूली के लिए आगे संपत्ति की नीलामी की कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि, नीलामी की तारीख और प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रशासन की ओर से अलग से सामने आनी बाकी है। कुर्की की कार्रवाई में संग्रह प्रभारी मोहम्मद समद्ध मिर्जा, अमीन प्रवीन मिश्रा, नीरज त्रिपाठी, मनोज दुबे, रामप्रताप पांडेय, सचिन तिवारी और मनोज तिवारी समेत राजस्व विभाग की टीम शामिल रही।
जुलाई में 150 बैंक खाते भी किए गए थे सीज
अंसल एपीआई से बकाया वसूली के लिए प्रशासन इससे पहले भी कार्रवाई कर चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जुलाई में कंपनी के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की कनॉट प्लेस, नई दिल्ली स्थित दो शाखाओं में 150 बैंक खातों को कुर्क किया गया था। इनमें एक शाखा के 49 और दूसरी शाखा के 101 खाते शामिल थे। खातों से बकाया राशि की वसूली के लिए राजस्व विभाग की टीम दिल्ली भी पहुंची थी। हालांकि, उस समय खातों में पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद प्रशासन ने कंपनी की अचल संपत्तियों पर कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया। अब जमीन और फ्लैट कुर्क किए जाने के बाद प्रशासन को बकाया वसूली के लिए संपत्तियों की नीलामी से उम्मीद है।

लखनऊ में ग्राम समाज की जमीन को लेकर भी उठे सवाल
अंसल एपीआई की परियोजनाओं को लेकर राजधानी लखनऊ में भी सरकारी जमीन से संबंधित मामला सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सुशांत गोल्फ सिटी में ग्राम समाज की करीब 173 हेक्टेयर जमीन के लेनदेन को लेकर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति ने जांच की थी। जांच में करीब 85 हेक्टेयर जमीन के पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं कराए जाने और उस पर दूसरे लोगों को कब्जा देकर भूखंड बेचने का मामला सामने आने की बात कही गई। वहीं, करीब 88 हेक्टेयर पुनर्ग्रहित ग्राम समाज की जमीन की लीज डीड कराए बिना बिक्री और कब्जा दिए जाने से संबंधित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया। इस तरह जांच के मुताबिक, करीब 173 हेक्टेयर जमीन के लेनदेन में जरूरी प्रक्रियाओं और अनुमतियों से जुड़े गंभीर सवाल उठे। इस जमीन की कीमत अरबों रुपये बताई गई है। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई और कानूनी स्थिति की अलग से पुष्टि आवश्यक है।
रेरा बकाया वसूली पर प्रशासन की नजर
आगरा में अंसल एपीआई की संपत्तियों की कुर्की रेरा के बकाये की वसूली से जुड़ी कार्रवाई है। प्रशासन ने संपत्तियों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाकर वसूली की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। अब प्रस्तावित नीलामी की प्रक्रिया और उससे मिलने वाली राशि पर नजर रहेगी। यह मामला रियल एस्टेट क्षेत्र में नियामकीय बकाये की वसूली और खरीदारों के हितों से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है। हालांकि, कुर्की की कार्रवाई अपने आप में संपत्तियों की अंतिम नीलामी या पूरी बकाया राशि की वसूली की पुष्टि नहीं करती। आगे की स्थिति प्रशासन की आधिकारिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
